Wednesday, December 9, 2015

भैंस की बीन


 


एक दिन की बात है, श्रीमति जी सुबह उठाते हुए बोली,  गौरी को नहला दो  I मैने चाय पी और गौरी को नहलाने चल पडा I गौरी हमारी पालतू भैंस है I  वैसे तो उसका पूरा शरीर काले रंग का है परंतु उसका नाम गौरी है I
चलिए जी हमने भी नल मे पाईप जोडी और चले गौरी को नहलाने I मैने नल खोला और पाईप से पिचकारी बनाकर पानी फैंकने लगा  I मैने सोचा जब इसका पूरा शरीर  गीला हो जायेगा तो फिर ब्रश से साफ कर दूंगा I  मै पानी फैंक ही रहा था कि एक आवाज़ आई,  पानी व्यर्थ क्यों गंवा रहे हो  ?  मैने इधर उधर देखा पर कोई नही था मै फिर पानी फैंकने लगा  I फिर से एक आवाज़ आई पानी क्यों व्यर्थ गंवा रहे हो ? मै गौरी हूँ I  आप इंसानो ने तो पानी को  व्यर्थ गंवाने का ठेका ले रखा है  I क्या किसी दूसरे जीव को पानी बर्बाद करते हुए देखा है  ? मै हैरान रह गया फिर मैने अपने आप को बाकी इंसानो से अलग करते हुए कहा,  नही गौरी मै तो पानी व्यर्थ नही गंवाता  हूँ I मै तो नहाता भी हफ्ते मे एक बार ही   हूँ  I पता है मुझे जितने पानी से आप एक बार नहाते हो उतने पानी से मै पन्द्रह बार नहा सकती हूँ  और आप तो कितना पीने का पानी खेतों मे डालते हो I
गौरी खेतों  मे पौधों को भी  पानी की आवश्यकता होती है  I पानी के बिना पौधे मर जाएंगे  I मैने फिर अपना बचाव किया I  कौन से पौधे  ? आप इंसानो का इरादा  तो इस धरती से पौधों  का नामोनिशान मिटाने का है  I यह बात कल पास के जंगल आई बिल्ली बता रही थी  I जंगल के सभी जानवरों ने प्रस्ताव पास किया है कि  इस पर्यावरण को सबसे अधिक खतरा इंसानो से है  I जल्दी से जल्दी इस समस्या का हल निकालना पडेगा I  सभा मे सभी जानवरों ने बारी बारी से सभा को सम्बोधित किया  I जंगल मे गधे ने अपने सम्बोधन मे कहा कि मुझे एक बात समझ नही आती क़ि  इंसान तो पढे लिखे होते हैं पर उन्हे यह बात क्यो समझ नही आती कि हमे अपने पर्यावरण को प्रदूषित नही करना है I  इन्होने तो हवा, पानी और मिट्टी  सब को गन्दा कर दिया है और अभी भी लगे हैं I मुझे तो ये बेवकूफ कहते हैं,   पर जंगल मे मेरी भी इज्जत है I  मुझे तो  गधे की बात अच्छी लगी आपको कैसी गी ? गौरी ने पूछा I
मुझे भी अच्छा लगा कि जंगल मे उसकी इज्जत है, पर बात उसकी भी सही है  I हमे पर्यावरण को गन्दा नही करना चाहिए, मैने जवाब दिया I ठीक है  गौरी अब मै पानी बर्बाद नही करूंगा  I  मै अब पीने के पानी को बचाऊंगा  I इतने मे श्रीमति जी मुझको उठाते हुए बोली,  लो जी चाय ले लो,  आप तो सोते हुए भी पैसे बचाने के सपने देखते हो,  नींद मे भी पानी बचाओ बिल ज्यादा आयेगा  I